Saifeena. The Ghazal.

जिए जाना है, ये जीना नहीं है,
अगर जीने का करीना नहीं है!

कहते हैं शाहिद हैं जो हादसे के,
जो डूबा है मेरा सफीना नहीं है!

वही लड़खड़ाए हैं महफ़िल में तेरी,
कि जिनके हाथों में मीना नहीं है!

मिट्टी से मेरी जड़ें ना उखाड़ो,
क्या इसमें मेरा पसीना नहीं है!

मेरे टूटे दिल को यूं ना कुरेदो,
इसमें अब कोई खजीना नहीं है!

उम्र-ए-दराज़ भी चार ही दिन की है,
दो कोतां मिले तो कमीना नहीं है!

सैफ-ओ-गर्दन हुए आमने-सामने,
है सब को पता किसको जीना नहीं है!

मुहब्बत वो कहते हैं नाबीना है,
जो करता है वो तो नाबीना नहीं है!

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करीना : way to do something | मीना : tippler’s favourite | शाहिद: witness | सफीना: boat | खजीना: treasure | दराज़: long |कोतां: short | सैफ: sword | नाबीना: blind

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