No Answers

मेरी जिंदगी इक खुली किताब है लेकिन,
तेरे सवालों का इसमें कोई जवाब नहीं!

मैं जानता हूँ दर्द का मतलब,
हुआ मेरे भी साथ है वही सब,
मगर मेरा ये दर्द मेरा है,
यही इक दर्द है जीने का सबब,
और मर भी जाऊं तो कुछ खराब नहीं!

मेरी जिंदगी इक खुली किताब है लेकिन,
तेरे सवालों का इसमें कोई जवाब नहीं!

तुम्हारे अरमां जहाँ पे क़त्ल हुए,
उसी मकतल में खून मेरा बहा,
वहाँ उस जश्न में सबने देखा,
मगर है कोई जिसने कुछ भी कहा,
तुम्हारा क्या कहूँ मेरा ही कुछ हिसाब नहीं!

मेरी जिंदगी इक खुली किताब है लेकिन,
तेरे सवालों का इसमें कोई जवाब नहीं!

बादे-मर्ग, अब बची है बस एक आरज़ू,
कि जिस तरह बहा है वहाँ मेरा लहू,
वैसे ही किसी और को मरना नहीं पड़े,
ना मुसलसल चले इश्क-ए-दार की ये खू,
मैं तो चुना गया था, ये मेरा इंतखाब नहीं!

मेरी जिंदगी इक खुली किताब है लेकिन,
तेरे सवालों का इसमें कोई जवाब नहीं!

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Towards darkness

यकीन है कि वो है, वो ना है तो भी, 

सबूत क्यों चाहिए, आइना ना दिखाइए

आँख पर विश्वास की पट्टी पहिरा दीजिए,

अँधेरा धर्म है, नियति है सिखाइए!    

 

 

भूकंप, सुनामी, युद्ध, सब आपदाएं,

लाखों मरते हैं, मार दिए जाते हैं,

कर्मों का फल है ये तो हताहत के आंकड़ों में बच्चे क्यों शामिल हैं

 

पिछले जनम का हिसाब है तो पिछले जनम में भी तो मरे होंगे 

अगले जनम का एडवांस है तो अगले में भी तो मरेंगे

 

वो है तो कैसा क्रूर है निर्दयी,

छीन लेता है माँ से बेटे को,

बेटी से माँ को, मांग से सिन्दूर,

रेगिस्तान से वृष्टि, आँख से दृष्टि,      

 

रौशनी होगी तो दिख जाएगा, 

दुनिया को कौन चलाता है,

लोग चलाते हैं मशीनें, तोड़ते हैं पर्वत,

चीरते हैं आसमान और बांधते हैं नदियाँ,

पर लोग श्रेय लेना नहीं चाहते,    

इसलिए लोग रौशनी से डरते हैं! 

 

 

 सदियों के अँधेरे हैं, सदियाँ लगेंगी जाने में