Jashn-e-Aazadi

गैरत गई तो क्या हुआ, टशन चल रहा है
भई अपनी आज़ादी का जशन चल रहा है।

सरहद पे रहने वालो, सर-ए-हद तो जान लो
144 के तहत खूब हुब्ब-ए-वतन चल रहा है।

वतन पे मरने वालों का बाकी निशां ये है
पेंशन के लिए धरना प्रदर्शन चल रहा है।

सच बोलने पे टंगना कलजुग की रवायत है
अभी तो दौर-ए-दार-ओ-रसन चल रहा है।

झंकार बीट आ जाए तो फिर हिट है इबादत
डीजी की धुन पे नात-ओ-भजन चल रहा है।

सोशल नहीं, अंजुमन-ए-तहसीन-ए-बाहमी है
यां तो तुम हसीन और हम हसन चल रहा है।

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