Past Perfect! A Triveni Sangam.

माज़ी के बंद कमरे में,
लम्हे गिनता रहा हूँ मैं,
और यहाँ सारी गिनती उलटी है.

जिस दीवार से लग के बैठा हूँ,
दूसरी तरफ उसकी रोता है कोई,
इस दीवार की सीलन नहीं जाती.

सूखे, मसले हुए फूलों की खुशबू,
मस्त कर देती है अँधेरे को,
मैं जहाँ तितलियाँ पकड़ता हूँ.

दर्द नहीं हैं ये, दर्द के याद ही हैं,
माज़ी के ख़ार जब भी चुभते हैं,
मेरे सब ज़ख्म मुस्कुराते हैं.

रोज़न-ए-जिन्दां से सूरज ने,
छु लिया तो मेरा कुम्हलाता बदन,
सूरजमुखी हो गया एक लम्हे के लिए.

एक लम्हे का ही खेल है यह तो,
हालांकि रोज़न पर कोई पर्दा नहीं है,
और इस कोठरी का कोई फ़र्दा ही नहीं.

एक घुटन है मीठी-मीठी,
एक जलन है मध्धम-मध्धम,
और ये एहसास कि महफूज़ हूँ मैं

इसलिए माज़ी में ही जीता हूँ,
जो है, जैसा है, देखा-भाला है,
अँधेरे में भी पहचान लेता हूँ.

सुना है फ़र्दा में बहुत उजाला है,
माज़ी और फ़र्दा के माबैन,
जो धुंधलका है उससे डरता हूँ!

आने वाला कल है तो वो आए,
गुजरे कल की गुन्दाज़ बाहों में,
मैं तो कब से इंतज़ार में हूँ!

बस यही आस कि कल का सूरज,
आए और खिड़की से झांकता जाए,
कर जाए मुझे हरा और सूरजमुखी.

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माज़ी: Past फर्दा: Future  माबैन: In between रोज़न: Window जिन्दां: Jail

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Pine fresh dawn

You haven’t changed,

Neither have I,

Nothing ever changes,

We accept change willy nilly,

We are told to embrace the new,

Shake off the old, we do.

But that duet we sang

coming down the hill,

A deservingly obscure song

that few have heard of

A song with doubtful melody

And meaningless words

smelling of old books

Made anew by your sweet, soulful voice

Full-throated, full-bodied.

I and the earworm hum together

Take it to new highs, old tunes

Nothing ever changes.

Or the old jokes, the quips

The sweeps you took at my expense,

I betrayed a corner of a smile,

And you guffawed from your belly

Carefree, we ruled the world for a moment

That moment warms the heart 

In worst of times, melancholy melts

As the tresses of that moment

Fall on the face of my being,

My being takes a new life

In that dusk is born a new me,

I open my eyes and the world smells of pine,

That hasn’t changed,

Nothing ever changes,

Yet change is constant.