Reasonable Restrictions

बोलने का हक तो है, आवाज़ पे पाबंदी है!
मिज़ाज ये है कि मजाज़ पे पाबंदी है!

हम को मालूम है किस्से का अंजाम मगर,
इन्तेहाँ ये है कि आगाज़ पे पाबंदी है!

हाल-ए-दिल कह भी दें तो किस से कहें,
हमराज़ हैं बहुत, पर राज़ पे पाबंदी है!

हुस्न तो खूब इलाही ने उसे बख्शा है,
शोखी-ए-हुस्न को बस नाज़ पे पाबंदी है!

पर सलामत हैं मेरे, हौसला भी कायम है,
गर इजाज़त ना हो परवाज़ पे पाबंदी है!

ग़ालिबन और थे अंदाज़-ए-बयां ग़ालिब के,
सुर मिलाना है, सो अंदाज़ पे पाबंदी है!

Advertisements

केजरीवाल के साथ नारे लगाते रहिए!

ज्यों चले काम, अपना काम चलाते रहिए,
खाते रहने के लिए कुछ उनको खिलाते रहिए!

ले-दे के निपट जाए तो हर काम है अच्छा,
ना बने बात तो फिर बात बनाते रहिए!

बिलखते बच्चे के लिए दूध भी नसीब कहाँ,
जम्हूरियत के पालने को हिलाते रहिए!

धूप की धार बड़ी तेज है, लंबा है सफर,
चलिए खुर्शीद को फिर खून पिलाते रहिए!

मर-मर के बनाई है ये मरमर की इमारत,
जो हो सके तो उसमें झाड़ू लगाते रहिए!

जो गुना भाग है अंदर ही अंदर मत गुनिए,
कुछ हमरी सुनिए कुछ हमको सुनाते रहिए!

सबको मालूम है जन्नत की हकीकत लेकिन,
चचा ग़ालिब की तरह दिल को बहलाते रहिए!