Pine fresh dawn

You haven’t changed,

Neither have I,

Nothing ever changes,

We accept change willy nilly,

We are told to embrace the new,

Shake off the old, we do.

But that duet we sang

coming down the hill,

A deservingly obscure song

that few have heard of

A song with doubtful melody

And meaningless words

smelling of old books

Made anew by your sweet, soulful voice

Full-throated, full-bodied.

I and the earworm hum together

Take it to new highs, old tunes

Nothing ever changes.

Or the old jokes, the quips

The sweeps you took at my expense,

I betrayed a corner of a smile,

And you guffawed from your belly

Carefree, we ruled the world for a moment

That moment warms the heart 

In worst of times, melancholy melts

As the tresses of that moment

Fall on the face of my being,

My being takes a new life

In that dusk is born a new me,

I open my eyes and the world smells of pine,

That hasn’t changed,

Nothing ever changes,

Yet change is constant.

 

 

 

Advertisements

Triveni & a postscript

हर एक बात मेरी जिंदगी की तुमसे है ہر ایک بات میری زندگی کی تمسے ہے
वो एक रात मेरी ज़िंदगी की तुमसे है وو ایک رات میری زندگی کی تمسے ہے
बाकी सब दिन तो इंतज़ार के थे باکی سب دیں تو انتظار کے تھے

अब कोई रास्ता बचा ही नहीं اب کوئی راستہ بچا ہی نہیں
जिधर देखो बस पानी ही पानी جدھر دیکھو بس پانی ہی پانی
इस तलातुम में खुदा क्या नाखुदा भी नहीं  اس تلاطم میں خدا کیا ناخدا بھی نہیں

तुम थे तो चट्टानों से भी लड़ जाता था تم تھے تو چٹانوں سے بھی لڈ جاتا تھا
तुम थे तो तूफानों से भी लड़ जाता था تم تھے تو طوفانوں سے بھی لڈ جاتا تھا
आज खुद से भी सामना नहीं होता آج خود سے بھی سامنا نہیں ہوتا

फिर वही रात तो आने से रही پھر وہی رات تو آنے سے رہی
लगी ये आँख ज़माने से रही لگی یہ آنکھ زمانے سے رہی
शमा बुझा दो, हमको अब सो जाने दो شمع بجھا دو ، ہمکو ہی اب سو جانے دو

_____

अमेरिका में बवंडर आया तो बिजली चली गई, امریکا میں بونڈرآیا تو بجلی چلی گی
हमारे गाँव में बिजली आये तो बवंडर आ जाए! ہمارے گانوں میں بجلی ے تو بونڈرآ جاے

Shinde Says

Let’s not harp on… (the) past: Shinde on Pak tour

वो कहते हैं आगे की सोच, पीछे की छोड़.
क्रिकेट से अगर सम्बन्ध सुधरते हैं तो क्या बुरा है?
खेल मे राजनीति मिश्रित ना करें,
“कोई कहीं का खिलाड़ी हो,
भारत में आ कर खेल सकता है.
हम भूतकाल की बातें
वर्तमान में नहीं दुहराना चाहिए
ताकि भविष्य में सम्बन्ध मधुर हो सकें.”
खेल-खेल में ही दो दुश्मन दोस्त हो जाएं,
इस से अद्भुत कुछ ना तो भूत में हुआ
ना होगा भविष्य में.

मंत्री जी शिव सेना तो साम्प्रदायिक शक्ति है,
पर एक बात पर आपत्ति है.
हम भूत को छोड़ भी दें पर भूत हमें छोड़े तो.
और हम भूत पर बात भी न करें भविष्य में?
ये कैसा भविष्य चाहते हैं हम.
और किस भूत को भूलें? और किस को नहीं? और कैसे?

कैसे भूलें कि उस मोटे हाफिज सईद के
दस खिलाड़ी हमें रक्तरंजित कर गए थे,
तीन रात सोई नहीं थी मुंबई,
जो कभी नहीं सोती है,
तब से हर रात रोती है.
कैसे भूलें कि दिल्ली की छाती पर
कई ज़ख्म अभी भी हरे हैं,
और ना जाने कहाँ कहाँ
अभी भी बारूद भरे हैं!
आप भारत का शुक्रिया कहिए,
आप यहाँ के गृह मंत्री हैं,
अमेरिका का कोई मंत्री
९/११ को भूलने की सलाह दे के बताए!
क्योंकि भूलते नहीं हैं वो,
उसकी यादगार बनाते हैं,
उनके जो भी हैं भूत.

हमारे तो और भी हैं भूत,
कैसे भूलें गोधरा में क्या हुआ था,
या उसके बाद पूरे गुजरात में,
१९९२ की अयोध्या को भूल जाएं,
या फिर १५२६ की अयोध्या को,
पंजाब में मरे हिंदुओं को,
या १९८४ में मरे सिखों को,
१९४७ के दंगों को भूल जाएँ,
या ये भी कि हम आज़ाद हुए थे?
अंग्रेजों का दमन भूल जाएं,
या नादिर शाह का आक्रमण!

वैसे तो स्कूल में इतिहास पढ़ाते हैं,
कंठस्थ कराते हैं, ताकि हम भूलें नहीं,
याद रखें, और सीखें.
ताकि हम भूत को जानें,
भूत से डर तभी लगता है,
जब हम भूत को जानते नहीं.
भूत से भागते हैं, भूत भागता ही नहीं,
भूत मित्र नहीं, शत्रु नहीं,
भूत है बस,
भूत का सामना अनिवार्य है,
अगर भविष्य चाहिए.
भूत के बारे में बात करें,
खुल के करें.
शिंदे जी सही कहते हैं,
राजनीति को खेल में मिश्रित ना करें,
शिंदे जी राजनीतिक हैं,
उनकी मजबूरी है
पर ये भी ज़रूरी है कि
राजनीति को भूत में मिश्रित ना करें.
भूत का भभूत मलिए,
फिर भविष्य में चलिए.

Guntantra is Awesome!

Inspired by this awesome story.>>>  Feels Awesome.

मैंने पूछा कैसा है,
उसने कहा ऑसम है!

खून भरी तकरीरें,
तंज की सब तीरें,
उसने आजमाए हैं,
फिर भी आज महफ़िल में,
बड़े बनके आए हैं,
देश पे तो छाए थे,
विदेश में भी छाए हैं,
काले-काले बादल हैं,
लुई-लुई आँचल हैं,
क्या हसीन मौसम है,
उसने कहा ऑसम है!

दाग धुल गया देखो,
भेद खुल गया देखो,
लॉ के खिलाड़ी का
खेल तुम नया देखो,
मैटर इंटरनल है,
जिम्मे एक्सटर्नल है,
उसका जोर चलता है,
जिसका बाजू में बल है,
क्षेत्र में भी गुंडे हैं,
अपने भी मुस्टंडे हैं,
कौन किस से कम है,
उसने कहा ऑसम है!

देश की कहानी है,
आँख में ही पानी है,
नल में बस नहीं दिखता,
इसकी ये निशानी है,
बाहुबल से नेता हैं,
स्वयम्भू विजेता हैं,
लोकतंत्र नवेला है,
जिसके ये प्रणेता हैं,
गणतंत्र में मूर्धन्य है,
दन्त है तो सब धन्य है,
उसे गन तंत्र कहते हैं,
और जो यहाँ अन्य है,
उसकी जेब में बम है,
उसने कहा ऑसम है!

(ण मूर्धन्य स्वर है, न दन्त स्वर है. अब आप जानिए धन्य कौन है)

Cool Quotient

(Thanks to long days and no time to think in the last two days, here’s note from last year discovered yesterday. Do react!)

उठो, बाँहें चढ़ाओ,
उफनते हुए सागर के
सीने पे चढ़ जाओ
मत सोचो लहरों की दिशा
अनुकूल है या प्रतिकूल है
अपने बाजू पर भरोसा,
हस्ब-ए-मामूल है तो सब कूल है!

तेरे नख्ली ज़मीं पे ए बागबां,
जो पसीने से सिंचा इक झाड़ है
उसे गले लगा के मुस्कुरा,
चाहे फूल है या शूल है
स्वेद-सिंचित सत्य है,
ये मूल है तो सब कूल है!

एक ही जीवन है, लुट गया,
लुटा दिया,
या फिर यूं ही बिता दिया,
अगली बार बेहतर करेंगे
ये सोचना भी भूल है
पुनर्जनम झूठ है,
ये सच जो मालूम है तो सब कूल है!

कर्म का कोई अर्थ,
कोई उद्देश्य हो, हे पार्थसारथी!
अगर मा फलेषु कदाचन,
तो कर्मण्ये वाधिकारस्ते फ़िज़ूल है,
हाँ दूसरों के फल का लालच नहीं,
ये अगर उसूल है तो सब कूल है

उनकी मूरत हृदय में हो,
सो हृदय ही पत्थर बना लिया,
अब धड़कता नहीं, निर्जीव है, निर्मूल है,
परस्तिश की कसरत करता हूँ,
पत्थर को पसीना आता रहे,
यही पूजा का फूल है, तो सब कूल है!

Kaliyug!

घोर कलियुग

सत्ता में था तो
सिर्फ भूमिका ही बनाई,
विपक्ष में रह कर के
की है सारी कमाई,

मांग थी पूर्ति की,
हाथ की देखो सफाई,
इस बात पे तो इनाम,
मिलना चाहिए भाई!

उल्टी ये दुनिया है,
पीछे ही पड़ गई,
वाड्रा से फिर गई,
और मुझपे गड़ गई!

मैं उद्योगपति नहीं,
सोशल अंतरप्रेन्योर हूँ!
९० प्रतिशत प्योर हूँ,
दस प्रतिशत ही और हूँ!

मेरे कहने पर ही तो,
मेरी जांच कर रहे हैं,
मीडिया वाले फ़ोकट में,
आंच कर रहे हैं!

थोड़ा सा उलटफेर

किसने नहीं किया,
ठेके के बदले फेवर,
किसने नहीं लिया?

इस्तीफ़ा ले लोगे
तुम इत्ती से बात पर,
घोर कलयुग है,
हंसी आती है हालात पर!

Pleadings to Baba!

ये मुल्क तो ना संभला, हम खुद संभल तो लें!
और कुछ बदल ना पाए, कैबिनेट बदल तो लें!

लूट-ओ-खसोट खूब,
चेहरे पे चोट खूब,
मिलते रहे हैं फिर भी
लोगों से वोट खूब!
जो करेगा, वो भरेगा
जो डरेगा, सो मरेगा,
आम आदमी के वास्ते
लाए थे हम नरेगा!
उस आदमी का नाला,
निकला है यूं दिवाला,
हम क्या दिखाएंगे अब
ये मुंह ही हुआ काला!

नई योजनाओं का पाउडर इस मुंह पे मल तो लें,
और कुछ बदल ना पाए, कैबिनेट बदल तो लें!

बाबा हमें बचाओ,
तुम मिनिस्टर बन जाओ,
भोले ही रहोगे क्या,
थोड़े सिनिस्टर बन जाओ!
अवधि के मध्य में है,
हमरी दूसरी ये नैया,
ये कह रही हैं मैया,
कि तुम हो अब खेवैया!
राजग जगा हुआ है,
तबसे लगा हुआ है,
घटक दलों का क्या है,
कौन किसका सगा है!

युवाओं पे असर हो,
विपक्ष को भी डर हो,
४0 पार कर के भी,
तुम यूथ के लीडर हो!

रस्ता अगर ना निकले, कुछ अरमां निकल तो लें!
और कुछ बदल ना पाए, कैबिनेट बदल तो लें!

Mother, Does It Sound Like A Pink Floyd Song?

| To celebrate the coming Cabinet expansion. First written before a Cabinet expansion in 2006. How things change, or do they? |

Mother, do you think I should drop Khurshid?
Mother, must I include those with insatiable greed?
Mother, do you think Shinde is Sushil enough?
Ooooowaa Mother, why is it so tough?
Mother, must I take Chiranjeevi?
Mother, should I first announce it on TV?
Mother, should I promote Mr Scindia?
Ooooowaa, Mother, you are Mother Indiaaaaah!

Hush, my baby. Baby, don’t you cry.
Momma’s gonna make your Cabinet for you.
Momma’s gonna decide on portfolios too.
Momma’s gonna do it all at 10 Janpath
Momma knows every Congressi’s worth
Momma’s gonna keep it all together for ya
Oooo Babe.
Oooo Babe.
Ooo Babe, of course Momma is Mother India.

Mother, do you think we retain Saifuddin Soz,
Mother, does it really matter where he goes?
Mother, I need help in external affairs
Mother, do you think Krishna really cares?
Mother, what to do with R.P.N. Singh?
Ooooowaa Mother, can I decide anything?

Hush, my baby. Baby, don’t you cry.
Momma’s gonna bring in Manish Tiwari.
Momma will make it crisp as her sari.
Momma’s gonna give one to Chiranjeevi
Momma’s goona reward her tutor Dwivedi.
Momma’s gonna nick Jairam on the way.
Oooo Babe.
Oooo Babe.
Ooo Babe, Rahul Baba will handle MEA

Mother, Agatha Sangma will lose her place,
Mother, should Oscar be in this race?
Mother, there’s an Oriya man called Sahu?
Mother, Andhra already has one in Pallam Raju
Mother, Ambika Soni I guess is from the Punjab,
Ooooowaa Mother, to pay Manish, who do I rob?

Hush, my baby. Baby, don’t you cry.
Momma’s gonna give Sachin independent charge
Momma won’t let anybody get extra large.
Momma’s gonna give MoS to Manicka Tagore
Momma will top that with a boss who’s bore
Momma’s gonna give Jitendra a place in finance
Oooo Babe.
Oooo Babe.
Ooo Babe, Let momma handle it, why’re you getting tense

Mother, should we get Pawar’s daughter?
Mother, what all has he taught her?
Mother, Should Deepa also be considered?
Mother, is my vision getting really blurred?
Mother, one man is totally shockingly ready to buy,
Ooooowaa Mother, shall I sell a ministry to that guy?

Hush, my baby. Baby, don’t you cry.
Momma will handle the Dasmunshi,
Momma will get her a seat in HRD.
Momma’s gonna give Sibal some break
Momma gives, so Momma will take
Momma’s gonna decide whether to sell a seat
Oooo Babe.
Oooo Babe.
Ooo Babe, but you really gotta be a little discrete!

Mother, do you think Jitin’s good enough,
For a Cabinet rank?
Mother, do you think I should just fill in,
What is blank?
Mother will Tariq Anwar be a good choice,
for telecom?
Mother, will he become another
scam bomb?
Mother, should I take Jayanti out of environment?
Mother, what if I hurt some wild sentiment?

Hush, my baby. Baby, don’t you cry.
Momma’s gonna check out your Moilys for you.
Momma won’t let anyone oily get through.
Momma’s gonna scan every new man who’s in.
Momma will always find out where they’ve been.
Momma’s gonna keep Cabinet healthy and clean.
Oooo Babe.
Oooo Babe.
Ooo Babe, you’ll always be Baby to me.

Mother, do you think anything win us fourteen?
Mother, full of scams, shams, all we have been?
Mother, you know Pranabda is on Raisina Hill,
Mother, the void he has left, how do we fill?
Mother do you think we need another Bong?
Mother does it sound like a Pink Floyd Song?
Hush, my baby. Baby, don’t you cry.

Momma’s gonna win you election.
Momma’s gonna make all the selection
Momma’s gonna keep you right here under her wing.
She won’t let you fly, but she might let you sing.
Momma knows it does sound like a Floyd song
Oooo Babe.
Oooo Babe.
Ooo Babe, but of course, you have ruled too long!

Mother, what if you were wrong?

__________________________

Splitting hairs: Bujhe diye mein tel daalte ho miyaan!

हम दाग-दाग हैं तो तुम कौन से शफ्फाक हो,
कौन है जिसका धुलेटी में दामन पाक हो,

नाम है, बदनाम हैं, बेईमानी के इलज़ाम हैं,
हर नए आरोप पर, प्रत्यारोप के इंतजाम हैं,
जो कीचड़ उछालते हैं, उनके अपने काम हैं,

जो तोड़ ना सको तो उनकी बाहें ही मरोड़ दो,
और बात ना बने तो उनपर प्रवक्ता छोड़ दो,

कुछ भौंकने के लिए, कुछ काटने के लिए,
हम पालते हैं, तुम भी पालते हो मियाँ!

यूं उधेड़ोगे तो दोनों ही उधड़ जाएंगे,
क्यों बाल की खाल निकालते हो मियाँ!

नहीं प्रत्यक्ष के, तो अप्रत्यक्ष के अवसाद हैं,
कहीं अध्यक्ष हैं, कहीं अध्यक्ष के दामाद हैं,
जितने किसिम के लोग, उतने किसिम के विवाद हैं,

दुनिया पैसे से चलती है,
बस विपक्ष को खलती है,
सत्ता में हैं,
इसमें हमारी क्या गलती है!

ऐसे चलता है, भविष्य में भी ऐसे ही चलेगा,
नहीं तो लोकतंत्र का विशाल हाथी कैसे पलेगा!

Dussehra. Ten taunts.

 

एक हम नहीं थे काबिल तुम्हारे,
उस पे इतने थे बिस्मिल तुम्हारे!

दो घड़ी और रुकते तो हम भी,
देख लेते हद्द-ए-कामिल तुम्हारे!

तीन हर्फों का जुमला बस सच्चा,
बाकी किस्से हैं बातिल तुम्हारे!

चार दिन की है ये जिंदगानी,
इसमें दो दिन हैं शामिल तुम्हारे!

पांच ऊँगलियाँ डूबी हों घी में,
मुंह में शक्कर हो कातिल तुम्हारे

छः हाथ की ज़मीं ही तो मांगूं,
बाकी सेहरा-ओ-साहिल तुम्हारे!

सात सुर से बनी मौसिकी भी,
कुछ नहीं है मुकाबिल तुम्हारे!

आठ पहरों में रहते हो तुम ही,
रात, दिन भी हैं माइल तुम्हारे!

नौ लखा हार ना दे सके हम,
कर दिया नाम ये दिल तुम्हारे!

दस ये गिनती के हैं मेरे मसले,
बन गए जो मसाइल तुम्हारे!