Jashn-e-Aazadi

गैरत गई तो क्या हुआ, टशन चल रहा है
भई अपनी आज़ादी का जशन चल रहा है।

सरहद पे रहने वालो, सर-ए-हद तो जान लो
144 के तहत खूब हुब्ब-ए-वतन चल रहा है।

वतन पे मरने वालों का बाकी निशां ये है
पेंशन के लिए धरना प्रदर्शन चल रहा है।

सच बोलने पे टंगना कलजुग की रवायत है
अभी तो दौर-ए-दार-ओ-रसन चल रहा है।

झंकार बीट आ जाए तो फिर हिट है इबादत
डीजी की धुन पे नात-ओ-भजन चल रहा है।

सोशल नहीं, अंजुमन-ए-तहसीन-ए-बाहमी है
यां तो तुम हसीन और हम हसन चल रहा है।

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Che Ganwara!

आस के बंधन टूट गए हैं
बालम मो से रूठ गए हैं।

भगवा तन और मन अंगरेज
कौन सो रंग दियो रंगरेज
बीतो बरस अब, कछु नहीं सरस अब
नर के इंद्र भी दिखैं अबस अब
जड़-चेतन में सगरे जगत में
का देखौ तुम अपने भगत में
काहै चेहरा मोड़ लिए हौ
हमसे रिश्ता तोड़ लिए हौ।

कितनी गाथा हमने बांची
आधी झूठी आधी सांची
तुम को पालन हार बताके
जीवन का सब सार बताके
कहो विकास कहां है किधर है
वही तमाशा उधर इधर है
कागद कारे कर कर हारे
तुम ही हमको भूले बिसारे।

रुसवाई का कारण का है
जगहंसाई बेकारण का है
हमरी अरज तुम्हरी भी होती
हमरी गरज हमरी ही क्यों है
भागत-भगत कहां आ पहुंचे
तुम्हरे जगत में हम ना पहुंचे
सपन सलोना कोना कोना
हमरे माथे लिखा था रोना

आस के बंधन टूट गए हैं
बालम मो से रूठ गए हैं।

‘साहेब’ दूल्हा बने हैं, चलो स्वागत करें

‘साहेब’ दूल्हा बने हैं, चलो स्वागत करें
पर दिल कहता है कि चल बगावत करें

घर घर है हर हर, कहते हैं कि लहर है

पर जरूरी है क्या हम इबादत करें
कभी भूले भटके तुम हमसे मिलो
क्यूँ हम ही तेरे घर के जियारत करें

एक अरसा हुआ, उनको देखे हुए
ख्वाब में ही सही, उनको सूरत करें

हमपे नजरे करम वो करें ना करें
हमरे दिल ही पे कोई इनायत करें

किसने कहा था ‘आप’ मुहब्बत करें
कर ही लिया तो क्या शिकायत करें

The Last Press Conference

इति! हास! कृति गरीब खुसरो  

आओ सखियो मंगल गाओ, रूठे पिया ने बोली बतियां,
मनमोहन के सदके जाऊं, जाए लगाऊं उनको छतियां!

ग्वाल बाल सब खाय गए हैं, आवंटन के सारे माखन,
मैया मोरी मैं नहीं खायो, कोसो काहे हो दिन रतियां!

लोकपाल हैं खड़े दुआरे, मन रे गा सब गीत सुहाने,
कोएलिशन के धर्म में हुई, जो भी हुईं हैं हमसे खतियां!

मोदीजी हैं रक्त से रंजित, हमरी सिर्फ छवि है भंजित
उनको आसन पर जो लाओ, मारी गई क्या तुम्हरी मतियां!

हमरे बाबा हुलारे मारे, बाबा को तुम आन बिठाओ,
आप हीं आप समर्थन आवें, पतियां के बदले में पतियां!

इतिहासों में होए तो होए हमरे कार्यकाल पर टीका,
जनता का काय भरोसा, आज छतियां, कल दुलतियां!

 

Parole

dutt_1603714fसज़ा में मज़ा घोल के,
बिता लो तुम हंस बोल के
साँस ही टूटे तो कोई
छूटने की आस है
ज़िन्दगी इक जेल है
वो भी बिना पैरोल के

इसी में उलझे रहे ग़ालिब कि कैसे इस उलझन के ख़म निकलें
क़ैद-ए-हयात-ओ-बंद-ए-ग़म से पैरोल मिले तो हम निकलें

आप कहते वो पार्टी में गई,
मैं कहता हूँ कि बीमार है वो,
सब अपनी-अपनी मान्यता है!

 

रंगभेद के गहराने का
है अंदेशा उनका भी
गोरेपन की क्रीम बेचते
रहते हैं जो टीवी पर
मंडेला की मौत पे आया
इक संदेशा उनका भी

Irony Man

हे युग पुरुष, युग का अंत हुआ, सूरज के साथ कयाम करो,
जो जुग बीता उसे देखो मत, उगते सूरज को सलाम करो!

तुमको आपत्ति हुई नहीं, कभी लौह पुरुष कहलाने में,
गर्म रहोगे, चोट पड़ेगी, रीत यही है ज़माने में,
तुम बने बहुत कुछ, अब न बनो, बन में जाओ बिश्राम करो!

लोहा लोहे को काटता है, ये टुंडे ठाकुर कह के गए,
तुमसे पहले भी कितने कटे, टुंडे हुए औ रह के गए,
तुम लोहे के चने चबाओ, घर में रहो आराम करो!

लोहा फूलता-फलता है, जब तक चलता है, चलता है,
जंग में खून बहाता है, जंग खाता है, फिर गलता है,
गलता है सो गलत नहीं है, सही को ना बदनाम करो!

किस्मत कह लो लोहे की, इसके दो ठिकाने पुराने हैं,
कारखाने अयस्क गए औ वयस्क कबाड़खाने हैं,
दो खानों में खानाखराब तुम ना आखिरी जाम करो!

जब काम किया तब नाम किया, मौके पे जै श्री राम किया,
राम का नाम लो लाल मेरे, महफ़िल को राम राम करो!

Wrath Yatri

न जाने क्या हुआ है ऐसा, वो हत्थे से छूट गए हैं
रथ के पहिए टूट गए हैं, बालम मोसे रूठ गए हैं!

लाली हो गई कृष्ण सी काली, रंग उड़ गए होश के साथ
हाथों में थे जितने पटाखे हाथों में ही फूट गए हैं!

मातमपुर्सी-ए-इश्क-ए-कुर्सी, लालिहाज़-ए-उम्र-दराजां,
ज़ेर-ए-नज़र जो एक कनी थी अपने ही आकर लूट गए हैं

गुड़गुड़ करते रहे गुरु और, शक्कर हो गए सारे चेले,
किस बेदर्दी से वो ज़ालिम ज़र-ए-उमर को कूट गए हैं

इक टूटे ढाँचे में बिराजे, राम लला ये देख के बोले,
है इतिहास गवाह रे बेटा,  तोड़ने वाले टूट गए हैं!

 

Vodka & Rhyme

Rush to die

Ruled by elected crooks
who book you for writing books,
This is that time,
When speech is a crime,
Get your vodka & lime
And make them rhyme!

Jugni
Jugni kardi press conference,
Kar ke Dilli poora tense,
TV-media in attendance,
Going on total offence,
Bhai mere ae ve Jugni Kejri hai
Scandal di ae treasury hai..

Ho Jugni former bureaucrat,
Anna Hazare ko kar ke set,
AAPe aam, AAPe great,
Poori duniya hui flat,
Bhai mere ae ve Jugni Kejri hai
Ae mulk di ae hi tragedy hai

Balle Balle

Jugni calls it an utter lie,
His charges she does deny,
Loki asking tell us why
Is the tariff touching sky
Phir mere ae ve #Jugni Sheila ae,
Administration bhi te dheela ae!

CAG Audit khilauna ae,
Agle saal to chona ae,
Public ne raula pauna ae,
Je hona hai te hona hai,
Phir mere ae ve #Jugni Sheila ae,
Administration bhi te dheela ae!

Red Sea
Anna proposes
Sonia disposes
#Kejriwal exposes
In really small doses
Bhushan deposes
Bedi just poses
Smelling like roses
Who the F is Moses?

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Apna Pun Jab Ho Way

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फूल ने फ़ूल को फ़ूल कहा,
फ़ूल ने फूल सुना, फूल गया,
मीठी लगती है फ़ूल को फूल की नुक़्ताचीनी भी।

कर्मण्ये वाधिकारस्ते
मा फलेषु कदाचन
फलों का राजा, लँगड़ा।

स नी मा पा पा
धा रे मा गा गा
सनीमा, संगीत।

चार आने में
मेले के मज़े
आने नहीं।

तुम्हारी जीत,
मेरी हार,
तुम्हारा हार।

पिया परदे सी, पिया परदे सी,
पिया परदेसी ने पिया परदेसी,
खूब फबती है पिया पर देसी।

बाल-बाल बच गए, सब ठीक-ठाक रे,
बाल बाँका ना हुआ, बच गई नाक रे,
बैरी जग, तू भी जग, बाल बना, बाँका बन।

वो हाथ धरती है
मेरे सर पर,
वो हाथ धरती है।

कटे हैं पर
कटे नहीं हैं,
उड़ रहा हूँ मैं।

तुम सोना चाहते हो,
तुम्हें जागना पड़ेगा,
मैं सोना चाहता हूँ।

जायफल
जो जाय फल
तो जाय फल।

जल बिन मछली,
जल जाती है,
अनजानी सी आग में।

बढ़ना घटना,
घटना घटना,
बढ़। घट ना।

मन भारी है,
एक मन भारी
वज़न है मन पर।

तन तना है तने का, तना तना है अभी,
फल लगेंगे झुक जाएंगीं डालियाँ तनातन
तना तना रहेगा, तन कर खड़ा रहेगा।

काम का मारा आदमी
काम का मारा
कोई सूत्र काम नहीं आता।

जो खाते हैं,
उनके खाते हैं,
स्विस बैंक में।

नाना प्रकार के
होते हैं नाना,
एक पाटेकर भी।
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छुरी घायल करती है, कांटे चुभते हैं,
हथियारों से नहीं, हाथ से खाता आदमी,
“खाते-खाते हँसता है, मैनर्स नहीं है?”
“मैनर्स हैं, वेस्टर्न नहीं हैं बस”,
लो ये खाते-खाते बोलता भी है।

फुलझड़ियाँ

(दीवाली के मौक़े पर पेश हैं कुछ फुलझड़ियाँ, कुछ पटाखे। आपकी दीवाली मंगलमय हो, इसी कामना के साथ। पटाखे तक पहुँचने से पहले फुलझड़ियाँ का आनन्द अलग है।)

दीप जलाओ, दीप जलाओ, आज दीवाली रे!

धनतेरस में पैसे वाला
चौदस में जो संयम टाला
दीवाली में हुआ दिवाला
हो गया बटुआ खाली रे

दीप जलाओ, दीप जलाओ, आज दीवाली रे!

नकली घी की बनी मिठाई,
नकली खोया और हलवाई
ऊपर से इतनी महंगाई
नोट भी निकले जाली रे

दीप जलाओ, दीप जलाओ, आज दीवाली रे!

चीनी दिये और बाती चीनी
लक्ष्मी-गणेश की मूर्ति चीनी
चीन ने रोज़ी-रोटी छीनी
कितनों की की काली रे

दीप जलाओ, दीप जलाओ, आज दीवाली रे!

दिलबर को हेलो हाई कहता,
हैप्पी दीवाली आई कहता,
अगर ना उसका भाई रहता
लिए खड़ा दुनाली रे

दीप जलाओ, दीप जलाओ, आज दीवाली रे!

कल की बात पे है वो स्थिर
आज भी कभी होगा आखिर
वस्ल की बात आई तो फिर
उसने कल पर टाली रे

दीप जलाओ, दीप जलाओ, आज दीवाली रे!

अखबारों में है जो आया,
विज्ञापन का है वो सताया,
हीरे का हार इतना भाया,
रूठी है घरवाली रे

दीप जलाओ, दीप जलाओ, आज दीवाली रे!

साकी सबको ही देता है,
मयखाने का वो नेता है,
बैठ नज़ारे क्या लेता है,
आगे करो पियाली रे!

दीप जलाओ, दीप जलाओ, आज दीवाली रे!

मनमोहन है भोला-भाला,
घोटालों ने वो रंग डाला,
कोयले से मुंह हो गया काला
लुटिया ही डुबा ली रे

दीप जलाओ, दीप जलाओ, आज दीवाली रे!

ज़्यादातर हैं वो अधिवक्ता
बन बैठे हैं पार्टी प्रवक्ता
बच्चा कोई सुन नहीं सकता
बकते ऎसी गाली रे

दीप जलाओ, दीप जलाओ, आज दीवाली रे!

राजनीति की कथा अनंता
सत्ता के सब हैं अभियंता
आम आदमी फ़ूल है बनता
एक फूल सौ माली रे

दीप जलाओ, दीप जलाओ, आज दीवाली रे!

सरकारी सिस्टम के मारे
भ्रष्टाचार के तम के मारे
छाछ पी रहे गम के मारे
सिस्टम खा गया छाली रे

दीप जलाओ, दीप जलाओ, आज दीवाली रे!

भारत अपना लोकतंत्र है,
भागीदारी मूल मन्त्र है,
वोट सबसे बड़ा यंत्र है,
बच्चो बजाओ ताली रे!

दीप जलाओ, दीप जलाओ, आज दीवाली रे!

Extra shot:

जहाँ जहाँ नज़र गई हर जगह से तू निकला,
झूठ तेरे जलवों का जलसा चार सू निकला,
बात प्रामाणिकता की नहीं है कि इस देश ने
जिसको भी पिंकी समझा शख़्स वो पिंकू निकला!