The Last Press Conference

इति! हास! कृति गरीब खुसरो  

आओ सखियो मंगल गाओ, रूठे पिया ने बोली बतियां,
मनमोहन के सदके जाऊं, जाए लगाऊं उनको छतियां!

ग्वाल बाल सब खाय गए हैं, आवंटन के सारे माखन,
मैया मोरी मैं नहीं खायो, कोसो काहे हो दिन रतियां!

लोकपाल हैं खड़े दुआरे, मन रे गा सब गीत सुहाने,
कोएलिशन के धर्म में हुई, जो भी हुईं हैं हमसे खतियां!

मोदीजी हैं रक्त से रंजित, हमरी सिर्फ छवि है भंजित
उनको आसन पर जो लाओ, मारी गई क्या तुम्हरी मतियां!

हमरे बाबा हुलारे मारे, बाबा को तुम आन बिठाओ,
आप हीं आप समर्थन आवें, पतियां के बदले में पतियां!

इतिहासों में होए तो होए हमरे कार्यकाल पर टीका,
जनता का काय भरोसा, आज छतियां, कल दुलतियां!

 

One thought on “The Last Press Conference

  1. शानदार है सर। गुनगुनाते हुए तो और भी मजा आता है।

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