To Syria, With Indifference

Syria

(Syria is the English name for the country called Shaam. सीरिया का असली अरबी नाम शाम है.)

Syria

धीरे धीरे गहराता है रंग लहू का शाम पर,
शक़ तक ना हो ताकि तुमको इस ख़ूनी अंजाम पर!

तैयारे हैं तैयारी में अब बारी है बमबारी की
लाखों जाने जाएंगी एक कातिल के नाम पर!

मगरिब को मौक़ा है, अबकी इसको भी सदचाक करो,
कौन असद के सदके जाए ऐसे नाज़ुक मकाम पर!

हम गर भूल गए कर वादा इतना क्यूं गुर्राते हो
तुम भी कौन ठसे बैठे थे भरी दुपहरी बाम पर!

तर्क किया है उसको कोसो इतना तो तुम फर्क करो
कासिद पर क्यूँ चढ़ बैठे हो नापसंद पैगाम पर!

अपने सुख से कौन सुखी है दुनिया के मयखाने में
अपनी सुराही बगल दबाई, आँख और के जाम पर!

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Ram Ram

Asaram Bapu / image courtesy Indian Express

Asaram Bapu / image courtesy Indian Express

आ के अब आराम नहीं है,
बिपदा घनी है बिराम नहीं है।

जिस पर हमनें सुबहें वारीं,
नहीं नहीं ये वो शाम नहीं है।

सावन में अंखियां ही बरसी,
उफ़ुक पे भी घनशाम नहीं है।

कलजुग में कल कैसे पावैं,
आज का जब अंजाम नहीं है।

मय मय है मयखाना लेकिन,
तश्नालब को जाम नहीं है।

गुलशन में मातम का आलम,
गुल है मगर गुलफाम नहीं है।

आसा टूटी भरोसा टूटा,
काम पे कोई लगाम नहीं है।

संतन रूप में रावण घूमैं,
आ राम, आराम नहीं है।