Marham

जब कोई भी नया ग़म मिला है, جب کوئی بھی نیا غم ملا ہے
मेरे ज़ख्मों को मरहम मिला है. میرے زخموں کو مرہم ملا ہے

यूं मिला तो बहुत कुछ बहुत है, یوں ملا تو بہت کچھ بہت ہے
जो कम था वही कम मिला है جو کم تھا وہی کم ملا ہے

तेरी लागर्ज़ी मर्ज़ी है तेरी تیری لاگرزی مرضی ہے تیری
मर्ज़ हमको भी बाहम मिला है  مرض ہمکو بھی باہم ملا ہے

बज़्म-ए-ग़ैरां है हैरां किस शै पर, بزم غیراں ہے حیراں کس شی پر
जब मिला हमको बरहम मिला है جب ملا ہمکو برہم ملا ہے

तेरी आँखों के पीछे जुबां है تیری آنکھوں کے پیچھے جباں ہے
बोलती हैं कोई पुरनम मिला है بولتی ہیں کوئی پرنم ملا ہے

शरबत-ए-हिन्द पूछो ना लज्ज़त  شربت ہند پوچھو نہ لذّت
गंगाजल में आब-ए-ज़मज़म मिला है گنگاجل میں اب زمزم ملا ہے

Advertisements