Collateral Damage

You infiltrate into my world
Sneak in
Under the cover of darkness
Into my heart
where it snows through the year
You fire your questions
I retaliate with mine
The innocent answers
Are taken hostage
In the battlefield
Mined with betrayals
Like bullets, accusations fly
And the answers die

I wish we could meet in sunshine
On a bright day, you can see
How much I have bled,
And I can see your face
And the wounds, the bitterness
that I have only a smell of
When we engage in the fiercest fight ever
To slay the past, at last
Your place or mine,
I wish we could bring in some sunshine
Because here, it snows through the year

20121116-164823.jpg

तुम दबे पाँव आते हो
अंधेरे की चादर में छिपते-छिपाते
घुसपैठ करने मेरे खाना-ए-दिल में
जहां बरस भर बर्फ़बारी का मौसम रहता है
सवालों की शक्ल में गोलियाँ बरसाते
सामना करता हूँ उनका सवालों से मैं
और हमारे निर्दोष जवाब
मूक बंधक बन जाते हैं
लड़ाई के इस मैदान में
यादों, वादों के बारूदी सुरंगों के बीच
आरोपों के कारतूस सांय-सांय, दाँए बाएँ
और सब जवाब वहीं ढेर हो जाते हैं

काश कभी होते आमने-सामने
दिन के उजाले में
सूरज की नर्म धूप के साए में
तुम देख पाते मेरे सदचाक बदन पर
सभी ज़ख़्मों के निशां
मैं देख पाता तुम्हारा चेहरा
और उस के पीछे का आदमी
और उसके पीछे के सब घाव
जिनका बस एहसास भर है मुझे
कि जिनको मैं जानता-पहचानता नहीं हूँ
फिर चाहे जान देते उस आख़री लड़ाई में
इतिहास को पराजित करने की
तुम्हारे आंगन में या मेरे सहन में, कहीं भी
बशर्ते कि दिन का उजाला हो
सूरज की नर्म धूप का साया हो
क्योंकि मैं जहाँ हूँ वहाँ
बरस भर बर्फ़बारी का मौसम रहता है।

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