फुलझड़ियाँ

(दीवाली के मौक़े पर पेश हैं कुछ फुलझड़ियाँ, कुछ पटाखे। आपकी दीवाली मंगलमय हो, इसी कामना के साथ। पटाखे तक पहुँचने से पहले फुलझड़ियाँ का आनन्द अलग है।)

दीप जलाओ, दीप जलाओ, आज दीवाली रे!

धनतेरस में पैसे वाला
चौदस में जो संयम टाला
दीवाली में हुआ दिवाला
हो गया बटुआ खाली रे

दीप जलाओ, दीप जलाओ, आज दीवाली रे!

नकली घी की बनी मिठाई,
नकली खोया और हलवाई
ऊपर से इतनी महंगाई
नोट भी निकले जाली रे

दीप जलाओ, दीप जलाओ, आज दीवाली रे!

चीनी दिये और बाती चीनी
लक्ष्मी-गणेश की मूर्ति चीनी
चीन ने रोज़ी-रोटी छीनी
कितनों की की काली रे

दीप जलाओ, दीप जलाओ, आज दीवाली रे!

दिलबर को हेलो हाई कहता,
हैप्पी दीवाली आई कहता,
अगर ना उसका भाई रहता
लिए खड़ा दुनाली रे

दीप जलाओ, दीप जलाओ, आज दीवाली रे!

कल की बात पे है वो स्थिर
आज भी कभी होगा आखिर
वस्ल की बात आई तो फिर
उसने कल पर टाली रे

दीप जलाओ, दीप जलाओ, आज दीवाली रे!

अखबारों में है जो आया,
विज्ञापन का है वो सताया,
हीरे का हार इतना भाया,
रूठी है घरवाली रे

दीप जलाओ, दीप जलाओ, आज दीवाली रे!

साकी सबको ही देता है,
मयखाने का वो नेता है,
बैठ नज़ारे क्या लेता है,
आगे करो पियाली रे!

दीप जलाओ, दीप जलाओ, आज दीवाली रे!

मनमोहन है भोला-भाला,
घोटालों ने वो रंग डाला,
कोयले से मुंह हो गया काला
लुटिया ही डुबा ली रे

दीप जलाओ, दीप जलाओ, आज दीवाली रे!

ज़्यादातर हैं वो अधिवक्ता
बन बैठे हैं पार्टी प्रवक्ता
बच्चा कोई सुन नहीं सकता
बकते ऎसी गाली रे

दीप जलाओ, दीप जलाओ, आज दीवाली रे!

राजनीति की कथा अनंता
सत्ता के सब हैं अभियंता
आम आदमी फ़ूल है बनता
एक फूल सौ माली रे

दीप जलाओ, दीप जलाओ, आज दीवाली रे!

सरकारी सिस्टम के मारे
भ्रष्टाचार के तम के मारे
छाछ पी रहे गम के मारे
सिस्टम खा गया छाली रे

दीप जलाओ, दीप जलाओ, आज दीवाली रे!

भारत अपना लोकतंत्र है,
भागीदारी मूल मन्त्र है,
वोट सबसे बड़ा यंत्र है,
बच्चो बजाओ ताली रे!

दीप जलाओ, दीप जलाओ, आज दीवाली रे!

Extra shot:

जहाँ जहाँ नज़र गई हर जगह से तू निकला,
झूठ तेरे जलवों का जलसा चार सू निकला,
बात प्रामाणिकता की नहीं है कि इस देश ने
जिसको भी पिंकी समझा शख़्स वो पिंकू निकला!

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2 Comments

  1. महामाया महालक्ष्मी की अद्भुत कृपा आप पर सदैव बनी रहे … आप सुख समृद्धिवान हो, कीर्तिवान हो , यशवान हो, घनवान हो, आयुष्मान हो…ओर सदैव स्वस्थ्य रहे. आपके जीवन का हर पल खुशियों से भरपूर रहे… जीवन के प्रत्येक क्षण पर आप प्रगति के पथ पर अग्रसर रहे…
    इस दिपावली के पावन पवँ पर आपके सुखद एवं उज्जवल भविष्य के लीए ढे़रसारी शुभकामनाए

    Reply

  2. राजनीति की कथा अनंता
    सत्ता के सब हैं अभियंता
    आम आदमी फ़ूल है बनता
    फिर भी मरता क्या न करता
    महंगी है तरकारी रे
    सिस्टम है सरकारी से
    बीत गई दीवाली रे, जेब हो गई खाली रे

    Reply

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