Triveni & a postscript

हर एक बात मेरी जिंदगी की तुमसे है ہر ایک بات میری زندگی کی تمسے ہے
वो एक रात मेरी ज़िंदगी की तुमसे है وو ایک رات میری زندگی کی تمسے ہے
बाकी सब दिन तो इंतज़ार के थे باکی سب دیں تو انتظار کے تھے

अब कोई रास्ता बचा ही नहीं اب کوئی راستہ بچا ہی نہیں
जिधर देखो बस पानी ही पानी جدھر دیکھو بس پانی ہی پانی
इस तलातुम में खुदा क्या नाखुदा भी नहीं  اس تلاطم میں خدا کیا ناخدا بھی نہیں

तुम थे तो चट्टानों से भी लड़ जाता था تم تھے تو چٹانوں سے بھی لڈ جاتا تھا
तुम थे तो तूफानों से भी लड़ जाता था تم تھے تو طوفانوں سے بھی لڈ جاتا تھا
आज खुद से भी सामना नहीं होता آج خود سے بھی سامنا نہیں ہوتا

फिर वही रात तो आने से रही پھر وہی رات تو آنے سے رہی
लगी ये आँख ज़माने से रही لگی یہ آنکھ زمانے سے رہی
शमा बुझा दो, हमको अब सो जाने दो شمع بجھا دو ، ہمکو ہی اب سو جانے دو

_____

अमेरिका में बवंडर आया तो बिजली चली गई, امریکا میں بونڈرآیا تو بجلی چلی گی
हमारे गाँव में बिजली आये तो बवंडर आ जाए! ہمارے گانوں میں بجلی ے تو بونڈرآ جاے

Advertisements

3 Comments

  1. फिर वही रात तो आने से रही
    लगी ये आँख ज़माने से रही
    शमा बुझा दो, हमको अब सो जाने दो

    उम्दा जनाब

    Reply

  2. ग़ज़ब शुरुआत है। उसके बाद तो बस् नदी की रवानी में बहते जाईये। दर्द में ग़ोते। ;लेकिन अंत की पंक्तियाँ एक्सट्रा शॉट ने खूब हंसाया!!!

    Reply

  3. अब कोई रास्ता बचा ही नहीं
    जिधर देखो बस पानी ही पानी
    इस तलातुम में खुदा क्या नाखुदा भी नहीं

    इसे पढ़ने के बाद …अपने जख्म हरे हो गए

    Reply

Say something!

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / Change )

Connecting to %s