Guntantra is Awesome!

Inspired by this awesome story.>>>  Feels Awesome.

मैंने पूछा कैसा है,
उसने कहा ऑसम है!

खून भरी तकरीरें,
तंज की सब तीरें,
उसने आजमाए हैं,
फिर भी आज महफ़िल में,
बड़े बनके आए हैं,
देश पे तो छाए थे,
विदेश में भी छाए हैं,
काले-काले बादल हैं,
लुई-लुई आँचल हैं,
क्या हसीन मौसम है,
उसने कहा ऑसम है!

दाग धुल गया देखो,
भेद खुल गया देखो,
लॉ के खिलाड़ी का
खेल तुम नया देखो,
मैटर इंटरनल है,
जिम्मे एक्सटर्नल है,
उसका जोर चलता है,
जिसका बाजू में बल है,
क्षेत्र में भी गुंडे हैं,
अपने भी मुस्टंडे हैं,
कौन किस से कम है,
उसने कहा ऑसम है!

देश की कहानी है,
आँख में ही पानी है,
नल में बस नहीं दिखता,
इसकी ये निशानी है,
बाहुबल से नेता हैं,
स्वयम्भू विजेता हैं,
लोकतंत्र नवेला है,
जिसके ये प्रणेता हैं,
गणतंत्र में मूर्धन्य है,
दन्त है तो सब धन्य है,
उसे गन तंत्र कहते हैं,
और जो यहाँ अन्य है,
उसकी जेब में बम है,
उसने कहा ऑसम है!

(ण मूर्धन्य स्वर है, न दन्त स्वर है. अब आप जानिए धन्य कौन है)

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