Man-Animal Conflict

For Pony. An Orangutan. Pony’s story may break your heart. Proof That There Is No God and Humans Are Essentially Evil. I do not recommend clicking on that link if you don’t have a strong heart. पोनी की कहानी आपको विचलित कर सकती है.

आदमी हो आदमी ही रहो

मैं जानवर हूँ, तुम भी जानवर हो,
तुम आदम की औलाद हो, आदमी
हव्वा के जने हो तुम,
हम जंगलियों से अलग,
सामाजिक जानवर,
वो जो हम में तुम में फर्क है,
उसे रहने दो, जानवर ना बनो|
क्योंकि ये उपमा अनावश्यक ही नहीं,
नितांत असत्य है|

तुम्हारी कहानी,
तुम्हारे अखबार में छपती है,
आदमी जानवर हो गया है
इक वाक्य पर आपत्ति है|
कई वाकयों में ऐसा करते हो
आदमी पर जानवर होने का आरोप मढ़ते हो!
तीन साल की बच्ची के साथ
वीभत्स दुराचार, फिर हत्या
सामूहिक बलात्कार,
दलित वृद्धा को जिंदा जला दिया,
इकतरफा प्यार में
एसिड अटैक,
करते रहो, पर आरोपी को
जानवर ना कहो!

जानवर कभी अपनी बच्चियों
पर जोर नहीं आजमाते,
एक उम्र के बाद ही
वह मादा कहलाती है, बड़ी होती है,
इस होने के क्रम में
उस पर फब्तियां नहीं कसते,
सीटियाँ नहीं बजाते,
मादक हो जाती है, गंध छोड़ती है
तब भी बिना इजाज़त छू नहीं सकते!

जंगल के राजा शेरनी के आगे
मिमियाते हैं, पछताते हैं,
रंक होकर उसको रिझाते हैं,
करतब दिखाते हैं,
वह आँख दिखाती है
तो पीछे हट जाते हैं,
मोर अपने मोरपंख फैलाता है,
सब मर्यादा भूल जाता है,
बादल के साथ नाचता है, गाता है,
तब जाकर मोरनी साथ गाती है,
क्योंकि प्रणय निवेदन का विषय है,
कनपटी पर पिस्तौल रखने का नहीं,
अगवा कर लूटने का नहीं,
खरीदने के लिए हमने मुद्रा हीं नहीं बनाई,
तुम बस्तियों में बसते हो,
बस्तियों में रहो, खुद को जानवर ना कहो

बेचारी पोनी तो तुम्हारे जात की भी नहीं थी,
उसके रोअें तक नहीं बख्शे तुमने,
कोठे पर बेचा, खरीदा,
तुम्हारी भूख से हमारा रिश्ता क्या है?
या फिर बेचने के लिए ईमान
सारा खत्म हो गया है?

किसी जानवर को
इंसानों की जिंदगी में
दखल देते सुना है?
बस इक इल्तेज़ा है,
तुम बोलते हो, पढ़ते-लिखते हो,
अपनी कॉपी ठीक करो,
किसी इंसान को जानवर ना कहो.
तुमने प्रकृति पर विजय पा ली है,
तुम अप्राकृतिक हो गए हो,
तुम जानवर नहीं हो सकते,
हो ही नहीं सकते!

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6 Comments

  1. Today I’m really feeling ashamed being a man. Your lines are really a question mark to the word – humanity. What we were and where we’ve come and what we’ve become? Really We r like ourselves only.

    Reply

  2. सच बात है। आदमी को जानवर कहना जानवरों का अपमान है।

    Reply

  3. बदिया है, infact बहुत ही बढ़िया है…मगर एक बताओ यह अचानक आपके अंदर का जानवर (कवि) कैसे जग गया. लगातार लिखे जा रहे हो, बिना रुके, बिना थके .

    Reply

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