Without You! तेरे बगैर!

(Jackie Treehorn treats objects like women! — The Big Lebowski)

It haunts me often,
An unknown fear,
That you spoke to me,
And I didn’t hear.
Did you say something?
Or was it just my
anxiety addressing me?
In the deepest recesses
of your heart,
do you keep a message
to yourself?
That a friend trusted you with?
Or a foe paid you for?
Is that why I scour
the folders in those cupboards?

Does it ever strike you,
that I steal a look or two,
in soirees I am not supposed to?
As if there is just you and me
and nothing else exists,
in a room full of familiar strangers.
At times, with absolute cheek,
I take you by my hand.
Nonchalant.

And when you wake up
from deep sleep abruptly,
My dreams interrupted,
I am jolted out of
my slow slumber.
And in the cold, dark night,
I can see you,
You can see me,
with droopy, niggling eyes,
yet the night is lit,
as my fingers run over you,
and a current runs through
your slender being.

When I can’t see you,
You walk in my mind,
My eyes follow you,
As I wander, all restive
This came into being not long ago,
Yet feels like centuries,
A world inside me,
A world inside you,
A world that I live in,
The world that you come from
are different, indifferent.
You may or may not,
live without me,
I haven’t,
Lived a moment,
without you.

तेरे बगैर! 

एक धड़का सा लगा रहता है,
तुम बोलो और मैं सुन ना पाऊँ,
कहीं तुमने कुछ कहा तो नहीं,
कि कहीं तुम्हारे दिल में
कोई बात छुपी हो जैसे,
कोई संदेशा, एक अंदेशा!

नामाबर हो, दिलबर हो, क्या हो?
इसलिए अक्सर कुरेदता हूँ मैं,
तुम्हारे दिल के किसी कोने में,
हो कोई राज़ जो छुपाई हो,
रकीब के, हबीब के
या दुनिया-ए-बेतरतीब के,
शायद तुमने भी गौर किया हो,
तुम्हें बस यूं ही देखता हूँ मैं,
अक्सर,
हमसायों की महफ़िलों में
सब से नज़रें बचा कर,
नज़र भर, कभी बेबाक होकर,
तुम्हें देखते हुए
दुनिया को देखता दिखाता हूँ!

जब कभी गहरी नींद में बोल उठे तुम,
मेरी भी नींद उचट जाती है,
फिर स्याह, घुप्प अँधेरे में,
तुम देख पाते हो मुझे,
मैं देखता हूँ तुम्हें,
और रात रौशन हो जाती है!
बिजली दौड़ उठती है रगों में तुम्हारी,
जिंदा हो जाते हो तुम,
मेरे ऊंगलियों के स्पर्श से!

तुम मेरे पास जब ना होते हो,
मेरे ख़याल में चलते हो तुम,
नज़रें ढूंढती हैं बस तुमको,
और एक बेचैनी सी होती है,
यही कुछ दिनों का रिश्ता अपना,
मानो सदियों से जानता हूँ तुम्हें,
एक दुनिया को समेटे हुए,
अपने भीतर, हम दोनों ही,
एकदम अलग, बिलकुल जुदा,

मुझसे अलग होके तुम जी भी सको,
तुमसे जुदा एक पल को मैं रहा ही नहीं!

(मेरे सैमसंग गैलेक्सी एस३ के लिए, जिस पर ये मूल रूप में लिखी गई.)

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Cool Quotient

(Thanks to long days and no time to think in the last two days, here’s note from last year discovered yesterday. Do react!)

उठो, बाँहें चढ़ाओ,
उफनते हुए सागर के
सीने पे चढ़ जाओ
मत सोचो लहरों की दिशा
अनुकूल है या प्रतिकूल है
अपने बाजू पर भरोसा,
हस्ब-ए-मामूल है तो सब कूल है!

तेरे नख्ली ज़मीं पे ए बागबां,
जो पसीने से सिंचा इक झाड़ है
उसे गले लगा के मुस्कुरा,
चाहे फूल है या शूल है
स्वेद-सिंचित सत्य है,
ये मूल है तो सब कूल है!

एक ही जीवन है, लुट गया,
लुटा दिया,
या फिर यूं ही बिता दिया,
अगली बार बेहतर करेंगे
ये सोचना भी भूल है
पुनर्जनम झूठ है,
ये सच जो मालूम है तो सब कूल है!

कर्म का कोई अर्थ,
कोई उद्देश्य हो, हे पार्थसारथी!
अगर मा फलेषु कदाचन,
तो कर्मण्ये वाधिकारस्ते फ़िज़ूल है,
हाँ दूसरों के फल का लालच नहीं,
ये अगर उसूल है तो सब कूल है

उनकी मूरत हृदय में हो,
सो हृदय ही पत्थर बना लिया,
अब धड़कता नहीं, निर्जीव है, निर्मूल है,
परस्तिश की कसरत करता हूँ,
पत्थर को पसीना आता रहे,
यही पूजा का फूल है, तो सब कूल है!

Man-Animal Conflict

For Pony. An Orangutan. Pony’s story may break your heart. Proof That There Is No God and Humans Are Essentially Evil. I do not recommend clicking on that link if you don’t have a strong heart. पोनी की कहानी आपको विचलित कर सकती है.

आदमी हो आदमी ही रहो

मैं जानवर हूँ, तुम भी जानवर हो,
तुम आदम की औलाद हो, आदमी
हव्वा के जने हो तुम,
हम जंगलियों से अलग,
सामाजिक जानवर,
वो जो हम में तुम में फर्क है,
उसे रहने दो, जानवर ना बनो|
क्योंकि ये उपमा अनावश्यक ही नहीं,
नितांत असत्य है|

तुम्हारी कहानी,
तुम्हारे अखबार में छपती है,
आदमी जानवर हो गया है
इक वाक्य पर आपत्ति है|
कई वाकयों में ऐसा करते हो
आदमी पर जानवर होने का आरोप मढ़ते हो!
तीन साल की बच्ची के साथ
वीभत्स दुराचार, फिर हत्या
सामूहिक बलात्कार,
दलित वृद्धा को जिंदा जला दिया,
इकतरफा प्यार में
एसिड अटैक,
करते रहो, पर आरोपी को
जानवर ना कहो!

जानवर कभी अपनी बच्चियों
पर जोर नहीं आजमाते,
एक उम्र के बाद ही
वह मादा कहलाती है, बड़ी होती है,
इस होने के क्रम में
उस पर फब्तियां नहीं कसते,
सीटियाँ नहीं बजाते,
मादक हो जाती है, गंध छोड़ती है
तब भी बिना इजाज़त छू नहीं सकते!

जंगल के राजा शेरनी के आगे
मिमियाते हैं, पछताते हैं,
रंक होकर उसको रिझाते हैं,
करतब दिखाते हैं,
वह आँख दिखाती है
तो पीछे हट जाते हैं,
मोर अपने मोरपंख फैलाता है,
सब मर्यादा भूल जाता है,
बादल के साथ नाचता है, गाता है,
तब जाकर मोरनी साथ गाती है,
क्योंकि प्रणय निवेदन का विषय है,
कनपटी पर पिस्तौल रखने का नहीं,
अगवा कर लूटने का नहीं,
खरीदने के लिए हमने मुद्रा हीं नहीं बनाई,
तुम बस्तियों में बसते हो,
बस्तियों में रहो, खुद को जानवर ना कहो

बेचारी पोनी तो तुम्हारे जात की भी नहीं थी,
उसके रोअें तक नहीं बख्शे तुमने,
कोठे पर बेचा, खरीदा,
तुम्हारी भूख से हमारा रिश्ता क्या है?
या फिर बेचने के लिए ईमान
सारा खत्म हो गया है?

किसी जानवर को
इंसानों की जिंदगी में
दखल देते सुना है?
बस इक इल्तेज़ा है,
तुम बोलते हो, पढ़ते-लिखते हो,
अपनी कॉपी ठीक करो,
किसी इंसान को जानवर ना कहो.
तुमने प्रकृति पर विजय पा ली है,
तुम अप्राकृतिक हो गए हो,
तुम जानवर नहीं हो सकते,
हो ही नहीं सकते!

Kaliyug!

घोर कलियुग

सत्ता में था तो
सिर्फ भूमिका ही बनाई,
विपक्ष में रह कर के
की है सारी कमाई,

मांग थी पूर्ति की,
हाथ की देखो सफाई,
इस बात पे तो इनाम,
मिलना चाहिए भाई!

उल्टी ये दुनिया है,
पीछे ही पड़ गई,
वाड्रा से फिर गई,
और मुझपे गड़ गई!

मैं उद्योगपति नहीं,
सोशल अंतरप्रेन्योर हूँ!
९० प्रतिशत प्योर हूँ,
दस प्रतिशत ही और हूँ!

मेरे कहने पर ही तो,
मेरी जांच कर रहे हैं,
मीडिया वाले फ़ोकट में,
आंच कर रहे हैं!

थोड़ा सा उलटफेर

किसने नहीं किया,
ठेके के बदले फेवर,
किसने नहीं लिया?

इस्तीफ़ा ले लोगे
तुम इत्ती से बात पर,
घोर कलयुग है,
हंसी आती है हालात पर!

Pleadings to Baba!

ये मुल्क तो ना संभला, हम खुद संभल तो लें!
और कुछ बदल ना पाए, कैबिनेट बदल तो लें!

लूट-ओ-खसोट खूब,
चेहरे पे चोट खूब,
मिलते रहे हैं फिर भी
लोगों से वोट खूब!
जो करेगा, वो भरेगा
जो डरेगा, सो मरेगा,
आम आदमी के वास्ते
लाए थे हम नरेगा!
उस आदमी का नाला,
निकला है यूं दिवाला,
हम क्या दिखाएंगे अब
ये मुंह ही हुआ काला!

नई योजनाओं का पाउडर इस मुंह पे मल तो लें,
और कुछ बदल ना पाए, कैबिनेट बदल तो लें!

बाबा हमें बचाओ,
तुम मिनिस्टर बन जाओ,
भोले ही रहोगे क्या,
थोड़े सिनिस्टर बन जाओ!
अवधि के मध्य में है,
हमरी दूसरी ये नैया,
ये कह रही हैं मैया,
कि तुम हो अब खेवैया!
राजग जगा हुआ है,
तबसे लगा हुआ है,
घटक दलों का क्या है,
कौन किसका सगा है!

युवाओं पे असर हो,
विपक्ष को भी डर हो,
४0 पार कर के भी,
तुम यूथ के लीडर हो!

रस्ता अगर ना निकले, कुछ अरमां निकल तो लें!
और कुछ बदल ना पाए, कैबिनेट बदल तो लें!

Mother, Does It Sound Like A Pink Floyd Song?

| To celebrate the coming Cabinet expansion. First written before a Cabinet expansion in 2006. How things change, or do they? |

Mother, do you think I should drop Khurshid?
Mother, must I include those with insatiable greed?
Mother, do you think Shinde is Sushil enough?
Ooooowaa Mother, why is it so tough?
Mother, must I take Chiranjeevi?
Mother, should I first announce it on TV?
Mother, should I promote Mr Scindia?
Ooooowaa, Mother, you are Mother Indiaaaaah!

Hush, my baby. Baby, don’t you cry.
Momma’s gonna make your Cabinet for you.
Momma’s gonna decide on portfolios too.
Momma’s gonna do it all at 10 Janpath
Momma knows every Congressi’s worth
Momma’s gonna keep it all together for ya
Oooo Babe.
Oooo Babe.
Ooo Babe, of course Momma is Mother India.

Mother, do you think we retain Saifuddin Soz,
Mother, does it really matter where he goes?
Mother, I need help in external affairs
Mother, do you think Krishna really cares?
Mother, what to do with R.P.N. Singh?
Ooooowaa Mother, can I decide anything?

Hush, my baby. Baby, don’t you cry.
Momma’s gonna bring in Manish Tiwari.
Momma will make it crisp as her sari.
Momma’s gonna give one to Chiranjeevi
Momma’s goona reward her tutor Dwivedi.
Momma’s gonna nick Jairam on the way.
Oooo Babe.
Oooo Babe.
Ooo Babe, Rahul Baba will handle MEA

Mother, Agatha Sangma will lose her place,
Mother, should Oscar be in this race?
Mother, there’s an Oriya man called Sahu?
Mother, Andhra already has one in Pallam Raju
Mother, Ambika Soni I guess is from the Punjab,
Ooooowaa Mother, to pay Manish, who do I rob?

Hush, my baby. Baby, don’t you cry.
Momma’s gonna give Sachin independent charge
Momma won’t let anybody get extra large.
Momma’s gonna give MoS to Manicka Tagore
Momma will top that with a boss who’s bore
Momma’s gonna give Jitendra a place in finance
Oooo Babe.
Oooo Babe.
Ooo Babe, Let momma handle it, why’re you getting tense

Mother, should we get Pawar’s daughter?
Mother, what all has he taught her?
Mother, Should Deepa also be considered?
Mother, is my vision getting really blurred?
Mother, one man is totally shockingly ready to buy,
Ooooowaa Mother, shall I sell a ministry to that guy?

Hush, my baby. Baby, don’t you cry.
Momma will handle the Dasmunshi,
Momma will get her a seat in HRD.
Momma’s gonna give Sibal some break
Momma gives, so Momma will take
Momma’s gonna decide whether to sell a seat
Oooo Babe.
Oooo Babe.
Ooo Babe, but you really gotta be a little discrete!

Mother, do you think Jitin’s good enough,
For a Cabinet rank?
Mother, do you think I should just fill in,
What is blank?
Mother will Tariq Anwar be a good choice,
for telecom?
Mother, will he become another
scam bomb?
Mother, should I take Jayanti out of environment?
Mother, what if I hurt some wild sentiment?

Hush, my baby. Baby, don’t you cry.
Momma’s gonna check out your Moilys for you.
Momma won’t let anyone oily get through.
Momma’s gonna scan every new man who’s in.
Momma will always find out where they’ve been.
Momma’s gonna keep Cabinet healthy and clean.
Oooo Babe.
Oooo Babe.
Ooo Babe, you’ll always be Baby to me.

Mother, do you think anything win us fourteen?
Mother, full of scams, shams, all we have been?
Mother, you know Pranabda is on Raisina Hill,
Mother, the void he has left, how do we fill?
Mother do you think we need another Bong?
Mother does it sound like a Pink Floyd Song?
Hush, my baby. Baby, don’t you cry.

Momma’s gonna win you election.
Momma’s gonna make all the selection
Momma’s gonna keep you right here under her wing.
She won’t let you fly, but she might let you sing.
Momma knows it does sound like a Floyd song
Oooo Babe.
Oooo Babe.
Ooo Babe, but of course, you have ruled too long!

Mother, what if you were wrong?

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Splitting hairs: Bujhe diye mein tel daalte ho miyaan!

हम दाग-दाग हैं तो तुम कौन से शफ्फाक हो,
कौन है जिसका धुलेटी में दामन पाक हो,

नाम है, बदनाम हैं, बेईमानी के इलज़ाम हैं,
हर नए आरोप पर, प्रत्यारोप के इंतजाम हैं,
जो कीचड़ उछालते हैं, उनके अपने काम हैं,

जो तोड़ ना सको तो उनकी बाहें ही मरोड़ दो,
और बात ना बने तो उनपर प्रवक्ता छोड़ दो,

कुछ भौंकने के लिए, कुछ काटने के लिए,
हम पालते हैं, तुम भी पालते हो मियाँ!

यूं उधेड़ोगे तो दोनों ही उधड़ जाएंगे,
क्यों बाल की खाल निकालते हो मियाँ!

नहीं प्रत्यक्ष के, तो अप्रत्यक्ष के अवसाद हैं,
कहीं अध्यक्ष हैं, कहीं अध्यक्ष के दामाद हैं,
जितने किसिम के लोग, उतने किसिम के विवाद हैं,

दुनिया पैसे से चलती है,
बस विपक्ष को खलती है,
सत्ता में हैं,
इसमें हमारी क्या गलती है!

ऐसे चलता है, भविष्य में भी ऐसे ही चलेगा,
नहीं तो लोकतंत्र का विशाल हाथी कैसे पलेगा!

Honour Killing

Burn, you mad man! You, the villain,
The bad guy, in the history that we wrote!

A history that is told, and retold.
Year after year.
Your history is dark, as dark as the first night,
Yet on the tenth you burn, bright.
And laughing.
At us.

All for your sister’s honour, her already damaged nose,
You who snatched her,
Yet did not touch her.
You were cheated, defeated, taught a lesson.
A teaching we are taught, year after year.
Triumph of good over evil.

Summary execution, no trial,
No judge, no jury.
One shot to the abdomen,
and end of all misery!

She was pious,
She did not die in your evil custody,
She died, after she was free,
In the most just kingdom that could be,
At the hands of the good.
She died proving,
She was not damaged goods.

While you guffaw like a villain,
Your towering frame  in the giant flame
That tiny men light.
She burns!
She is charred. Scarred.
Guilty until proven innocent.

Trial by fire.
Every day.
She is kidnapped, killed, violated,
Burnt alive.

You burn once a year.
Burn, you mad man!

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Translated

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ऑनर किलिंग

भस्म हो जाओ असुर,
खलनायक कहीं के,
पुस्तकों में पढ़ा है,
जो हमने लिखा है,
काले अक्षरों में,
उतने ही काले जितनी काली पहली की रात,
फिर दसवीं को जलते हुए,
हसंते क्यों हो?
किस पर?

अपनी बहन की कटी नाक को
इतना बड़ा मुद्दा बना दिया,
अपहरण तक कर लिया, कपटी.
निर्दोष थी उसने लक्ष्मण रेखा लांघने की गलती की,
ठीक है कि तुम ने मर्यादा नहीं लांघी,
तुमने छल तो किया ही था,
छल से ही हो, तुम हारे तो,
अच्छाई जीत गई. बुराई पर.
ये शिक्षा देने के लिए,
हर साल. साल दर साल.
सत्य की असत्य पर विजय,

ना बहस, न मुक़दमा,
सरल, संक्षिप्त, न्याय,
एक तीर नाभि पर,
तम का अंत, तुरंत.

वह पवित्र थी, तुमसे मरती भी नहीं,
वह मरी पवित्र हाथों से,
बुराई ने छुआ तक नहीं, अच्छाई ने मारा,
वह मरी रामराज्य में,
सिद्ध करते हुए,
स्वयं को निर्दोष,
तुम विकराल अट्टहास करते हो,
विशाल लपटों में घिरे,
बौने लोगों की लगाई आग में.
वह जलती है रोज़,
अपहृत होती है, पीड़ित होती है,
अमर्यादित होती, जला दी जाती है,
सिद्ध करते करते स्वयं को निर्दोष,
अग्नि परीक्षा,
प्रतिदिन, अनवरत!

तुम तो साल में एक बार ही,
अश्विन, शुक्ल पक्ष, दशमी की तिथि!
वह जलती है, तुम्हारे जलने से पहले.
तुम्हारे भस्म होने के बाद भी.

Raavan

पेट को रोटी,
तन को कपड़ा,
सिर को छत,
बच्चों की शिक्षा अनवरत,
वादे,
यही हैं जो 47 में हुए,
जो 15 में होंगे!

सबको बिजली,
सबको पानी,
सबको गैस,
गरीबी, बेरोज़गारी हटाओ,
मलेरिया भगाओ,
विदेशी हाथ काटो,
मजदूरों में ज़मीन बांटो,
देश की अखंडता,
संविधान की संप्रभुता,
जय जवान, जय किसान,
और वही पाकिस्तान,
नारे,
यही हैं जो 47 में लगे,
जो 15 में लगेंगे!

आरक्षण, सुशासन,
शोषण, कुपोषण,
मरता जवान,
मरते किसान,
भ्रष्टाचार, कदाचार,
पूँजीवाद, समाजवाद,
अपराध, उत्पीड़न,
सांप्रदायिक सद्भाव,
चीज़ों के बढ़ते भाव,
मुद्दे,
वही हैं जो 47 में थे,
यही हैं जो 15 में होंगे

रावण,
47 में जलाया था,
15 में भी जलाएंगे,
रावण वही है,
रावण जलता नहीं है!

Dussehra. Ten taunts.

 

एक हम नहीं थे काबिल तुम्हारे,
उस पे इतने थे बिस्मिल तुम्हारे!

दो घड़ी और रुकते तो हम भी,
देख लेते हद्द-ए-कामिल तुम्हारे!

तीन हर्फों का जुमला बस सच्चा,
बाकी किस्से हैं बातिल तुम्हारे!

चार दिन की है ये जिंदगानी,
इसमें दो दिन हैं शामिल तुम्हारे!

पांच ऊँगलियाँ डूबी हों घी में,
मुंह में शक्कर हो कातिल तुम्हारे

छः हाथ की ज़मीं ही तो मांगूं,
बाकी सेहरा-ओ-साहिल तुम्हारे!

सात सुर से बनी मौसिकी भी,
कुछ नहीं है मुकाबिल तुम्हारे!

आठ पहरों में रहते हो तुम ही,
रात, दिन भी हैं माइल तुम्हारे!

नौ लखा हार ना दे सके हम,
कर दिया नाम ये दिल तुम्हारे!

दस ये गिनती के हैं मेरे मसले,
बन गए जो मसाइल तुम्हारे!