Rock and a Hard Place

After a discussion on how Nitish is not all that he is said to be. And the state of Bihar.

विकल्प जब विकराल हो, अक्ल का अकाल हो, हर बात पे बवाल हो, उस सूबे का क्या हाल हो.

नेता भले होते नहीं, जनता भली होती है क्या? माथे तिलक नीतिश के या लालू का वो भाल हो!!

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Don’t change. Let it be!

(With due apologies to Mamata & Manmohan!)

नए ज़माने, लोग पुराने, तल्खी वही पर तंज के माने,
बदले होंगे सब के लिए, उन्हें यूं ही हंसी में ना बदलो!!

आएगा इक दिन वो दिन कि दिन में भी कुछ दिखे नहीं,
आज की रौशन रात को हमदम, तीरगी में ना बदलो!!

सारे ख्वाब मुलायम थे, तुम थे तो हम भी कायम थे,
पेश-ए-तर्क-ए-तआल्लुक मेरे गम को खुशी में ना बदलो!!

तुम ने ही तो हमको चाहा, तुम ही तो ठुकराए गए,
वादा-ए-तजदीद-ए-वफ़ा से, हम को हमीं में ना बदलो!!

चुप रहने से हो सकता है लोग तुम्हें मूरख समझें,
खोल के अपनी शोख ज़बां, उस शक को यकीं में ना बदलो!